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सत्य पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Sanskrit Shlokas on Truth with Hindi meaning

 सत्य पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Sanskrit Shlokas on Truth with Hindi meaning


सत्य पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित |

नासत्यवादिनः सख्यं न पुण्यं न यशो भुवि।

दृश्यते नापि कल्याणं कालकूटमिवाश्नतः।।

हिंदी अर्थ:- कलाकूट पीने वाले की तरह असत्य बोलने वाले को इस संसार में कोई यश, पुण्य, यश या कल्याण नहीं मिलता।


सत्येन रक्ष्यते धर्मो विद्याऽभ्यासेन रक्ष्यते ।

मृज्यया रक्ष्यते रुपं कुलं वृत्तेन रक्ष्यते ॥

हिंदी अर्थ:- धर्म का रक्षण सत्य से, विद्या का अभ्यास से, रुप का सफाई से, और कुल का रक्षण आचरण करने से होता है ।


ये वदन्तीह सत्यानि प्राणत्यागेऽप्युपस्थिते ।

प्रमाणभूता भूतानां दुर्गाण्यतितरन्ति ते ॥

हिंदी अर्थ:- प्राणत्याग की परिस्थिति में भी जो सत्य बोलता है, वह प्राणियों में प्रमाणभूत है । वह संकट पार कर जाता है ।


सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः ।

सत्येन वायवो वान्ति सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम् ॥

हिंदी अर्थ:- सत्य से पृथ्वी का धारण होता है, सत्य से सूर्य तपता है, सत्य से पवन चलता है । सब सत्य पर आधारित है ।


सत्यमेव व्रतं यस्य दया दीनेषु सर्वदा।

कामक्रोधौ वशे यस्य स साधुः – कथ्यते बुधैः।।

हिंदी अर्थ:- ‘सत्य’ वही है जिसका उपवास, जो सदैव गरीबों की सेवा करता है, जो काम और क्रोध को वश में रखता है, उसे ज्ञानी ‘साधु’ कहते हैं।


सत्यमेव परं ब्रह्म सत्यमेव परं तप:।

सत्यमेव परो यज्ञ: सत्यमेव परं श्रुतम्।।

हिंदी अर्थ:- सत्य ही सर्वोच्च ब्रह्म है, सत्य ही सर्वोच्च तप है, सत्य परम बलिदान है।


सत्येन रक्ष्यते धर्मो विद्याऽभ्यासेन रक्ष्यते।

मृज्यया रक्ष्यते रुपं कुलं वृत्तेन रक्ष्यते।।

हिंदी अर्थ:- धर्म की रक्षा सत्य से, ज्ञान से अभ्यास से, रूप से स्वच्छता से और परिवार की रक्षा आचरण से होती है।


सत्यहीना वृथा पूजा सत्यहीनो वृथा जपः ।

सत्यहीनं तपो व्यर्थमूषरे वपनं यथा ॥

हिंदी अर्थ:- उज्जड जमीन में बीज बोना जैसे व्यर्थ है, वैसे बिना सत्य की पूजा, जप और तप भी व्यर्थ है ।


नास्ति सत्यसमो धर्मो न सत्याद्विद्यते परम् ।

न हि तीव्रतरं किञ्चिदनृतादिह विद्यते ॥

हिंदी अर्थ:- सत्य जैसा अन्य धर्म नहीं । सत्य से पर कुछ नहीं । असत्य से ज्यादा तीव्रतर कुछ नहीं ।


सत्यं सुप्तेषु जागर्ति सत्यं च परमं पदम्।

सत्येनैष धृता पृथ्वी सत्ये सर्वं प्रतिष्ठितम्।।

हिंदी अर्थ:- सोये हुए पुरुषों में सत्य जागता है, सत्य ही सर्वोच्च अवस्था है। सत्य ने पृथ्वी पर कब्जा कर लिया है, इसलिए सब कुछ सत्य में स्थापित है।


अग्निना सिच्यमानोऽपि वृक्षो वृद्धिं न चाप्नुयात् ।

तथा सत्यं विना धर्मः पुष्टिं नायाति कर्हिचित् ॥

हिंदी अर्थ:- अग्नि से सींचे हुए वृक्ष की वृद्धि नहीं होती, जैसे सत्य के बिना धर्म पुष्ट नहीं होता ।


सत्यमेव जयते नानृतम् सत्येन पन्था विततो देवयानः ।

येनाक्रमत् मनुष्यो ह्यात्मकामो यत्र तत् सत्यस्य परं निधानं ॥

हिंदी अर्थ:- जय सत्य का होता है, असत्य का नहीं । दैवी मार्ग सत्य से फैला हुआ है । जिस मार्ग पे जाने से मनुष्य आत्मकाम बनता है, वही सत्य का परम् धाम है ।


सत्यं मृदु प्रियं वाक्यं धीरो हितकरं वदेत्।

आत्मोत्कर्षं तथा निन्दां परेषां परिवर्जयेत्।।

हिंदी अर्थ:- धैर्यवान मनुष्य को चाहिए कि वह सत्य, मृदु, प्रिय, हितैषी और अपने ढंग से बोले। अजनबियों की आलोचना को छोड़ देना चाहिए।


भूमिः कीर्तिः यशो लक्ष्मीः पुरुषं प्रार्थयन्ति हि ।

सत्यं समनुवर्तन्ते सत्यमेव भजेत् ततः ॥

हिंदी अर्थ:- भूमि, कीर्ति, यश और लक्ष्मी, सत्य का अनुसरण करनेवाले पुरुष की प्रार्थना करते हैं । इस लिए सत्य को हि भजना चाहिए ।


सदयं ह्रदयं यस्य भाषितं सत्यभूषितम्।

कायः परहिते यस्य कलिस्तस्य करोति किम्।।

हिंदी अर्थ:- जिसका हृदय दयालु है, जिसकी वाणी सत्य से भरी है, और जिसका शरीर दूसरों के हित के लिए है, कलि क्या कर सकता है?


सत्यं सत्सु सदा धर्मः सत्यं धर्मः सनातनः।

सत्यमेव नमस्येत सत्यं हि परमा गतिः।।

हिंदी अर्थ:- सत्य अच्छे लोगों के लिए सनातन धर्म है। सत्य को प्रणाम करना चाहिए, सत्य ही सर्वोच्च गति है।


सत्यं स्वर्गस्य सोपानं पारावरस्य नौरिव ।

न पावनतमं किञ्चित् सत्यादभ्यधिकं क्वचित् ॥

हिंदी अर्थ:- समंदर के जहाज की तरह, सत्य स्वर्ग का सोपान है । सत्य से ज़ादा पावनकारी और कुछ नहीं ।


सत्येन पूयते साक्षी धर्मः सत्येन वर्धते ।

तस्मात् सत्यं हि वक्तव्यं सर्ववर्णेषु साक्षिभिः ॥

हिंदी अर्थ:- सत्य वचन से साक्षी पावन बनता है, सत्य से धर्म बढता है । इस लिए सभी वर्णो में, साक्षी ने सत्य हि बोलना चाहिए ।


सत्यधर्मं समाश्रित्य यत्कर्म कुरुते नरः।

तदेव सकलं कर्म सत्यं जानीहि सुव्रते।।

हिंदी अर्थ:- हे सुव्रता! एक आदमी जो सच्चे धर्म के सहारे काम करता है कि हर काम सच है, ऐसी समझ।


सत्यमेव व्रतं यस्य दया दीनेषु सर्वदा ।

कामक्रोधौ वशे यस्य स साधुः ॥

हिंदी अर्थ:- 'केवल सत्य' ऐसा जिसका व्रत है, जो सदा दीन की सेवा करता है, काम-क्रोध जिसके वश में है, उसी को ज्ञानी लोग 'साधु' कहते हैं ।


तस्याग्निर्जलमर्णवः स्थलमरिर्मित्रं सुराः किंकराः

कान्तारं नगरं गिरि र्गृहमहिर्माल्यं मृगारि र्मृगः ।

पातालं बिलमस्त्र मुत्पलदलं व्यालः श्रृगालो विषं

पीयुषं विषमं समं च वचनं सत्याञ्चितं वक्ति यः ॥

हिंदी अर्थ:- जो सत्य वचन बोलता है, उसके लिए अग्नि जल बन जाता है, समंदर जमीन, शत्रु मित्र, देव सेवक, जंगल नगर, पर्वत घर, साँप फूलों की माला, सिंह हिरन, पाताल दर, अस्त्र कमल, शेर लोमडी, झहर अमृत, और विषम सम बन जाते हैं ।


सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियम् ।

नासत्यं च प्रियं ब्रूयात् एष धर्मः सनातनः ॥

हिंदी अर्थ:- सत्य और प्रिय बोलना चाहिए; पर अप्रिय सत्य नहीं बोलना और प्रिय असत्य भी नहीं बोलना यह सनातन धर्म है ।


न पुत्रात् परमो लाभो न भार्यायाः परं सुखम्।

न धर्मात् परमं मित्रं नानृतात् पातकं परम्।।

हिंदी अर्थ:- पुत्र से बढ़कर कोई लाभ नहीं, पत्नी से बढ़कर कोई सुख नहीं, धर्म से श्रेष्ठ कोई मित्र नहीं और असत्य के समान पूर्ण कोई नहीं है।


नानृतात्पातकं किञ्चित् न सत्यात् सुकृतं परम् ।

विवेकात् न परो बन्धुः इति वेदविदो विदुः ॥

हिंदी अर्थ:- वेदों के जानकार कहते हैं कि अनृत (असत्य) के अलावा और कोई पातक नहीं; सत्य के अलावा अन्य कोई सुकृत नहीं और विवेक के अलावा अन्य कोई भाई नहीं ।


विश्वासायतनं विपत्तिदलनं देवैः कृताराधनम्

मुक्तेः पथ्यदनं जलाग्निशमनं व्याधोरग स्तम्भनम्।

श्रेयः संवननं समृद्धिजननं सौजन्य सञ्जीवनम्

कीर्तेः केलिवनं प्रभाव भवनं सत्यं वचः पावनम्।।

हिंदी अर्थ:- आस्था का पालन करने वाला, विपत्ति का नाश करने वाला, भगवान द्वारा पूजित, मोक्ष के लिए भोजन, अग्नि को शांत करने वाला जल, सांपों को रोकने वाले शिकारी की तरह, परोपकारी, समृद्ध, कृपा देने वाला, प्रसिद्धि देने वाला और घर को प्रभावित करने वाला, ऐसा ही एक सच्चा शब्द है पवित्र।

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