Skip to main content

प्रेम पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Sanskrit Shlokas on Love with meaning in Hindi

 प्रेम (प्यार) पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Sanskrit Shlokas on love (romance) with meaning in Hindi

ददाति प्रतिगृह्णाति गुह्यमाख्याति पृच्छति।

भुङ्क्ते भोजयते चैव षड्विधं प्रीतिलक्षणम्।।

अर्थ – लेना, देना, खाना, खिलाना, रहस्य बताना और उन्हें सुनना ये सभी 6 प्रेम के लक्षण है।

वाणी रसवती यस्य,यस्य श्रमवती क्रिया।

लक्ष्मी : दानवती यस्य,सफलं तस्य जीवितं।।

अर्थ – जिस मनुष्य की वाणी मीठी हो, जिसका काम परिश्रम से भरा हो, जिसका धन दान करने में प्रयुक्त हो, उसका जीवन सफ़ल है।

प्रियवाक्य प्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।

तस्मात तदैव वक्तव्यम वचने का दरिद्रता।।

हिंदी अर्थ:- प्रिय वाक्य बोलने से सभी जीव संतुष्ट हो जाते हैं, अतः प्रिय वचन ही बोलने चाहिए। ऐसे वचन बोलने में कंजूसी कैसी

विद्या मित्रं प्रवासेषु,भार्या मित्रं गृहेषु च।

व्याधितस्यौषधं मित्रं, धर्मो मित्रं मृतस्य च।।

अर्थ – विदेश में ज्ञान, घर में अच्छे स्वभाव और गुणस्वरूप पत्नी, औषध रोगी का तथा धर्म मृतक का सबसे बड़ा मित्र होता है।

अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविन:।

चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलं।।

अर्थ – बड़ों का अभिवादन करने वाले मनुष्य की और नित्य वृद्धों की सेवा करने वाले मनुष्य की आयु, विद्या, यश और बल ये हमेशा बढ़ती रहती है।

अधमाः धनमिच्छन्ति धनं मानं च मध्यमाः।

उत्तमाः मानमिच्छन्ति मानो हि महताम् धनम्।।

अर्थ – निम्न कोटि के लोग सिर्फ धन की इच्छा रखते हैं। मध्यम कोटि का व्यक्ति धन और सम्मान दोनों की इच्छा रखता है। वहीं एक उच्च कोटि के व्यक्ति के लिए सिर्फ सम्मान ही मायने रखता है। सम्मान से अधिक मूल्यवान है।

न कश्चित कस्यचित मित्रं न कश्चित कस्यचित रिपु:।

व्यवहारेण जायन्ते, मित्राणि रिप्वस्तथा।।

अर्थ – न कोई किसी का मित्र होता है, न कोई किसी का शत्रु। व्यवहार से ही मित्र या शत्रु बनते हैं।

सत्यं ब्रूयात प्रियं ब्रूयात न ब्रूयात सत्यं प्रियम।

प्रियं च नानृतं ब्रूयात एष धर्म: सनातन:।।

अर्थ – सत्य बोलो, प्रिय बोलो, अप्रिय लगने वाला सत्य नहीं बोलना चाहिए प्रिय लगने वाला असत्य भी नहीं बोलना चाहिए।

पृथ्वियां त्रीणि रत्नानि जलमन्नम सुभाषितं।

मूढ़े: पाधानखंडेषु रत्नसंज्ञा विधीयते।।

अर्थ – पृथ्वी पर तीन रत्न हैं जलअन्न और शुभ वाणी पर मुर्ख लोग पत्थर के टुकड़ों को रत्न की संज्ञा देते हैं।

दर्शने स्पर्शणे वापि, श्रवणे भाषणेऽपि वा।

यत्र द्रवत्यन्तरङ्गं स, स्नेह इति कथ्यते॥

हिंदी अर्थ:- यदि किसी को देखने, छूने, सुनने और उससे बात करने से आपके हर्दय को आनंद मिलता है तो वह प्रेम है|

यां चिन्तयामि सततं मयि सा विरक्ता, साप्यन्यमिच्छति जनं स जनोऽन्यसक्तः।

अस्मत्कृते च परितुष्यति काचिदन्या, धिक् तां च तं च मदनं च इमां च मां च॥

हिंदी अर्थ:- मैं अपने चित्त में रात दिन जिसकी स्मृति सँजोये रखता हूँ वो मुझसे प्रेम नहीं करती, वो किसी और पुरुष पर मुग्ध है। वह पुरुष किसी अन्य स्त्री में आसक्त है। 

उर पुरुष की अभिलाषित स्त्री मुझपर प्रसन्न है। इसलिए रानी को, रानी द्वारा चाहे हुए पुरुष को, उस पुरुष की चाहिए हुई वेश्या को तथा मुझे धिक्कार है और सबसे अधिक कामदेव को धिक्कार है जिसने यह सारा कुचक्र चलाया।

Comments

Popular posts from this blog

Chanakya Niti Chapter 8 Hindi English | चाणक्य नीति आठवां अध्याय अर्थ सहित

Chanakya Niti eighth chapter 8 shlokas meaning in Hindi English | चाणक्य नीति आठवां अध्याय हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित Chanakya Niti Chapter 8 in Hindi English | चाणक्य निति आठवां अध्याय हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित संस्कृत श्लोक - 1 अधमा धनमिच्छन्ति धनं मानं च मध्यमाः। उत्तमा मानमिच्छन्ति मानो हि महतां धनम्।।1।। दोहा - 1 अधम धनहिं को चाहते, मध्यम धन अरु मान । मानहि धन है बडन को, उत्तम चहै मान ।।1।। हिंदी अर्थ:- चाणक्य यहाँ मनुष्य के तीन प्रकार के बारे में बताते हुए कहते हैं, अधम प्रकार के मनुष्य सिर्फ धन की इच्छा रखते हैं, वे धन अर्जन के लिए किसी भी युक्ति का प्रयोग कर सकते हैं| माध्यम प्रकार के लोग धन और मान दोनों की इच्छा रखते हैं, ऐसे लोग धन तो चाहते हैं लेकिन समान के साथ| लेकिन उत्तम प्रकार के लोग सिर्फ मान और सम्मान की इच्छा रखते हैं इनके लिए धन का कोई मोल नहीं होता हैं| मान सम्मान ही इनका धन है| English Meaning:- Low class Human desire wealth; middle class, both wealth and respect, but the noble, desire honour only, for them honour is the noble man's true wealth. संस्कृत श्लोक - 2 इक...

सत्य पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Sanskrit Shlokas on Truth with Hindi meaning

 सत्य पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | Sanskrit Shlokas on Truth with Hindi meaning सत्य पर संस्कृत श्लोक हिंदी अर्थ सहित | नासत्यवादिनः सख्यं न पुण्यं न यशो भुवि। दृश्यते नापि कल्याणं कालकूटमिवाश्नतः।। हिंदी अर्थ:- कलाकूट पीने वाले की तरह असत्य बोलने वाले को इस संसार में कोई यश, पुण्य, यश या कल्याण नहीं मिलता। सत्येन रक्ष्यते धर्मो विद्याऽभ्यासेन रक्ष्यते । मृज्यया रक्ष्यते रुपं कुलं वृत्तेन रक्ष्यते ॥ हिंदी अर्थ:- धर्म का रक्षण सत्य से, विद्या का अभ्यास से, रुप का सफाई से, और कुल का रक्षण आचरण करने से होता है । ये वदन्तीह सत्यानि प्राणत्यागेऽप्युपस्थिते । प्रमाणभूता भूतानां दुर्गाण्यतितरन्ति ते ॥ हिंदी अर्थ:- प्राणत्याग की परिस्थिति में भी जो सत्य बोलता है, वह प्राणियों में प्रमाणभूत है । वह संकट पार कर जाता है । सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः । सत्येन वायवो वान्ति सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम् ॥ हिंदी अर्थ:- सत्य से पृथ्वी का धारण होता है, सत्य से सूर्य तपता है, सत्य से पवन चलता है । सब सत्य पर आधारित है । सत्यमेव व्रतं यस्य दया दीनेषु सर्वदा। कामक्रोधौ वशे यस्य स साधुः – क...

राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान में क्या अंतर है | Difference between National Song and anthem in Hindi

राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान में अंतर क्या है| | What is the difference between national song and national anthem in Hindi | दोस्तो, आपने सुना होगा कई बार हमारे देश में राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के बारे में विवाद उत्पन्न होते रहते हैं| मुस्लिम समाज और कुछ झूठे सेक्युलर लोग एक तरफ खड़े हो जाते हैं और भारत देश की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गीत वन्दे मातराम का विरोध करते हैं| ये लोग कहते हैं हम भारत के राष्ट्रिय गान (जन गन मन) का तो समर्थन करते हैं लेकिन राष्ट्रिय गीत (वन्दे मातरम्) को नहीं गायेंगे. यह सब देख कर आपके मन में भी विचार आता होगा की ऐसा क्या अंतर है दोनों में| आज हम इसी के वारे में विचार से चर्चा करेंगे की राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान में ऐसा क्या अंतर है और इनसे जुड़े क्या विवाद हैं| राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान में अंतर | Difference between National Song and anthem in Hindi दोस्तो, राष्ट्रिय गीत और राष्ट्रिय गान दोनों में एक बात सामान है की दोनों ही गीत भारतीय आज़ादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं| दोनों ही गीतों ने भारतीय समाज को अपने आत्म सम्मान से जीने के...